मानेसर में 77वां राज्य स्तरीय वन महोत्सव, CM सैनी बोले- हरियाली हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी

77th State Level Forest Festival in Manesar, CM Saini said – Greenery is our personal responsibility

मानेसर : हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन मानेसर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर ही हरियाणा को हरा-भरा और पर्यावरण की दृष्टि से मजबूत बनाया जा सकता है।

1 करोड़ 52 लाख पौधे लगाने का दावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 1 करोड़ 52 लाख पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल पौधों का चयन करने से उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है और लंबे समय में पर्यावरण को इसका लाभ मिलता है।

‘प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने का संकल्प’

वन महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपना ऋण चुकाने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को संस्कार और संस्कार को जन आंदोलन में बदलने की जरूरत है। पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकार की जिम्मेदारी मानने के बजाय प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का विरोधी मानने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि ऐसा विकास जरूरी है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के साथ प्रकृति का भी संरक्षण हो।

‘सड़क भी हो और छायादार वृक्ष भी’

मुख्यमंत्री ने विकास की अवधारणा को पर्यावरण से जोड़ते हुए कहा कि विकास का मतलब प्रकृति को पीछे छोड़ देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सही मायने में विकास वही है, जिसमें सड़क भी हो और उसके किनारे छायादार वृक्ष भी हों। उन्होंने हरियाणा की हरियाली को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बताते हुए पौधारोपण और पौधों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

पौधारोपण को जन आंदोलन बनाने पर जोर

वन महोत्सव के माध्यम से सरकार पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल पौधों का रोपण करने और उनके शुरुआती वर्षों में नियमित देखभाल करने से पौधारोपण अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, ऑक्सीजन और पर्यावरणीय संतुलन का आधार बन सकता है। इसलिए पौधारोपण को अभियान के बजाय जीवनशैली का हिस्सा बनाने की जरूरत है। 77वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि हरियाणा के विकास के साथ उसकी हरियाली को बचाना और बढ़ाना भी सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।

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